यदि आप नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Leaders' Summit) के आज के (12 सितंबर, 2026) प्रमुख घटनाक्रमों से चूक गए हैं, तो यहाँ सभी प्रमुख आयोजनों, उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठकों (high-level bilateral meetings), पीएम मोदी के प्रमुख प्रस्तावों (key proposals), और नई दिल्ली घोषणा (New Delhi Declaration) के प्रमुख परिणामों का पूरा सारांश (complete wrap-up) दिया गया है।
🤝 1. भारत-चीन संबंध और प्रमुख आगमन (Key Arrivals)
- वैश्विक नेताओं का आगमन (Global Leaders Arrive): चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) शिखर सम्मेलन के लिए पहुँचे, जो 2014 के बाद उनका दिल्ली का पहला दौरा है। वियतनाम के पीएम ले मिन्ह हंग (Le Minh Hung) और बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिज़ेंकोव (Maxim Ryzhenkov) का भी गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
- निरंतर प्रगति (Steady Progress): शिखर सम्मेलन से इतर (on the sidelines) अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान, पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी ने अगस्त 2025 में तियानजिन (Tianjin) में अपनी पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हुई निरंतर प्रगति का स्वागत किया।
- 'तीन पारस्परिक सिद्धांत' (The 'Three Mutuals'): पीएम मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि संबंधों को तीन पारस्परिक सिद्धांतों द्वारा निर्देशित किया जाना चाहिए: पारस्परिक सम्मान (mutual respect), पारस्परिक संवेदनशीलता (mutual sensitivity), और पारस्परिक हित (mutual interest)। उन्होंने दोहराया कि सीमावर्ती क्षेत्रों (border areas) में शांति और सद्भाव द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास के लिए एक आवश्यक आधार (essential basis) है।
- शी का चार-सूत्रीय दृष्टिकोण (Xi's Four-Point Vision): चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने संबंधों के दीर्घकालिक, स्थिर विकास को सुनिश्चित करने के लिए चार बिंदुओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। पहला, एक उद्देश्यपूर्ण और तर्कसंगत रणनीतिक समझ (objective and rational strategic understanding) अपनाएं। दूसरा, सहयोग के माध्यम से एक-दूसरे को सफल होने में मदद करें, सीधी उड़ानों में सहयोग का विस्तार करें और व्यापार संबंधी चिंताओं (trade concerns) का समाधान करें। तीसरा, पारस्परिक सम्मान पर आधारित राजनीतिक ज्ञान (political wisdom) का उपयोग करके बाधाओं को दूर करें, सीमा प्रश्न (boundary question) पर समानांतर प्रगति करें, और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखें।
- साझा विकास (Shared Development): शी ने कहा कि चीन और भारत एक-दूसरे की ताकतों से सीख सकते हैं और उन्हें एक समान और व्यवस्थित बहुध्रुवीय दुनिया (orderly multipolar world) की वकालत करनी चाहिए। दोनों पक्ष क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा आधार (common ground) का विस्तार करने और अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय (fairness and justice) को दृढ़ता से बनाए रखने पर सहमत हुए। पीएम मोदी ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (chairship) के लिए चीन के समर्थन की भी सराहना की।
🌍 2. सम्मेलन से इतर प्रमुख द्विपक्षीय बैठकें (Major Bilateral Meetings on the Sidelines)
- ऐतिहासिक ईरान-यूएई वार्ता (Historic Iran-UAE Talks): ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद (Sheikh Khaled) ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने (de-escalation), तनाव को कम करने और स्थिरता (stability) हासिल करने का समर्थन करने के लिए बातचीत की।
- यूएई का भारी निवेश (UAE's Massive Investment): पीएम मोदी ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस से मुलाकात की, और यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (International Holding Company) द्वारा 11.5 बिलियन डॉलर के भारी निवेश को स्वीकार किया।
- अन्य प्रमुख बैठकें (Other Key Meetings): पीएम मोदी ने वियतनामी पीएम ले मिन्ह हंग, इथियोपिया के पीएम अबी अहमद अली (Abiy Ahmed Ali) और मलेशियाई पीएम अनवर बिन इब्राहिम (Anwar bin Ibrahim) के साथ सार्थक बातचीत (productive talks) की।
📜 3. नई दिल्ली घोषणा 2026: प्रमुख बातें (New Delhi Declaration 2026: Major Takeaways)
- गाजा युद्धविराम और दो-राज्य समाधान (Gaza Ceasefire & Two-State Solution): घोषणापत्र ने यूएनएससी संकल्प 2803 (UNSC Resolution 2803) के कार्यान्वयन का दृढ़ता से आह्वान किया, और सभी पक्षों से गाजा पट्टी में युद्धविराम का सम्मान करने, निर्बाध मानवीय पहुँच (unhindered humanitarian access) सुनिश्चित करने और फिलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन (forced displacement) को रोकने का आग्रह किया।
- संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर जोर (Push for UN Reforms): ब्रिक्स ने संयुक्त राष्ट्र निकायों (UN bodies) में समान भौगोलिक प्रतिनिधित्व (equitable geographical representation) की मांग की, इस बात पर जोर दिया कि वरिष्ठ पदों पर किसी एक देश का एकाधिकार (monopoly) नहीं होना चाहिए और महिला नेतृत्व (female leadership) की ऐतिहासिक कमी को उजागर किया।
- निष्पक्ष व्यापार प्रथाएं (Fair Trade Practices): सदस्य देशों ने व्यापार प्रथाओं में अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत किसी भी एकतरफा कार्रवाई (unilateral action) का कड़ा विरोध किया।
🎙️ 4. पीएम मोदी का दृष्टिकोण और गुट की गतिशीलता (PM Modi’s Vision & Bloc Dynamics)
- 10-सूत्रीय प्रस्ताव (10-Point Proposal): पीएम मोदी ने वैश्विक प्रशासन सुधार (global governance reform) के लिए 10-सूत्रीय रोडमैप का प्रस्ताव रखा, और गुट से ग्लोबल साउथ (Global South) को "नियम मानने वालों से नियम बनाने वालों (rule takers to rule shapers)" में बदलने का आग्रह किया।
- ब्रिक्स का सामरिक महत्व (Strategic Importance of BRICS): सीपीआई (एम) के महासचिव एम.ए. बेबी (M.A. Baby) ने ब्रिक्स को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में "बहुत सकारात्मक विकास (very positive development)" बताया, जिसमें लैटिन अमेरिका, यूरोप, एशिया और अफ्रीका के देश शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसके सदस्य देशों के बीच आंतरिक समस्याओं के बावजूद इसके सामरिक महत्व (strategic importance) को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और उल्लेख किया कि यह दुनिया पर अमेरिकी प्रभुत्व (US domination) के लिए एक शक्तिशाली प्रतिसंतुलन शक्ति (countervailing force) के रूप में विकसित हुआ होगा।
- ब्रिक्स का भविष्य (Future of BRICS): यह घोषणा की गई कि चीन 2027 में ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा और 21वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (XXI BRICS summit) की मेजबानी करेगा।
🛡️ 5. सुरक्षा, विरोध प्रदर्शन और संस्कृति (Security, Protests & Culture)
- उच्च-स्तरीय सुरक्षा और विरोध (High-Level Security & Protests): भारत मंडपम (Bharat Mandapam) के आसपास एनएसजी कमांडो (NSG commandos) और स्वाट टीमों (SWAT teams) सहित एक विशाल बहु-स्तरीय सुरक्षा ग्रिड (multi-layered security grid) तैनात किया गया था। इस बीच, भारत मंडपम में सांस्कृतिक कार्यक्रम में शी जिनपिंग की भागीदारी और उपस्थिति का विरोध करते हुए तिब्बती युवा कांग्रेस (Tibetan Youth Congress) के 50 से अधिक सदस्यों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।
- चीन की उड़ानें फिर से शुरू (China Flights Resume): चाइना सदर्न एयरलाइंस (China Southern Airlines) ने घोषणा की कि वह छह साल के निलंबन (suspension) को समाप्त करते हुए 21 सितंबर से ग्वांगझू-नई दिल्ली (Guangzhou-New Delhi) मार्ग पर नियमित यात्री उड़ानें फिर से शुरू करेगी।
- पाक कला कूटनीति (Culinary Diplomacy): मीडिया केंद्र ने सख्ती से शाकाहारी भोजन परोसा, जबकि विश्व नेताओं ने बिजनेस फोरम में पाक कूटनीति (culinary diplomacy) में भाग लिया। आधिकारिक मीडिया किट में बिहार के सत्तू और कोरापुट कॉफी (Koraput coffee) जैसे क्षेत्रीय भारतीय स्वादों को भी शामिल किया गया।

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