स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को अरब सागर (Arabian Sea) और हिंद महासागर (Indian Ocean) से जोड़ता है। यह समुद्री मार्ग ईरान (Iran) और ओमान (Oman) के बीच स्थित है। इसकी चौड़ाई बहुत कम है, लेकिन इसके माध्यम से दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस उत्पादक देशों का व्यापार होता है।
Received a phone call from Prime Minister Benjamin Netanyahu. We reviewed progress on various aspects of the India-Israel Special Strategic Partnership which continues to grow from strength-to-strength.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 6, 2026
We also exchanged views on the current situation in West Asia.@netanyahu
आज दुनिया की लगभग 25% समुद्री तेल आपूर्ति और लगभग 20% तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) इसी रास्ते से होकर गुजरती है
भारत के लिए इसका महत्व:-
भारत दुनिया का तीसरा सबसे (third largest) बड़ा तेल उपभोक्ता देश है। भारत अपनी ज़रूरत का लगभग 85% तेल विदेशों से आयात करता है। इनमें से बड़ी मात्रा में तेल और गैस स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ के रास्ते भारत पहुँचती है
भारत को किन देशों से तेल मिलता है?
भारत मुख्य रूप से इन देशों से तेल आयात करता है—
- इराक (Iraq)
- सऊदी अरब (Saudia Arabia)
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
- कुवैत (Kuwait)
- क़तर (Katar)
- इन देशों का अधिकांश निर्यात स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ से होकर गुजरता है।
| आँकड़ा | जानकारी |
|---|---|
| वैश्विक तेल व्यापार | लगभग 25% |
| वैश्विक LNG व्यापार | लगभग 20% |
| भारत की कच्चे तेल की ज़रूरत | लगभग 85% आयात |
| हॉरमुज़ से भारत आने वाला तेल | लगभग 40% से 50% |
| हॉरमुज़ से आने वाली LPG | लगभग 90% |
| भारत तक प्रतिदिन पहुँचने वाला तेल | लगभग 25 से 27 लाख बैरल |



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