स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को अरब सागर (Arabian Sea) और हिंद महासागर (Indian Ocean) से जोड़ता है। यह समुद्री मार्ग ईरान (Iran) और ओमान (Oman) के बीच स्थित है। इसकी चौड़ाई बहुत कम है, लेकिन इसके माध्यम से दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस उत्पादक देशों का व्यापार होता है।



आज दुनिया की लगभग 25% समुद्री तेल आपूर्ति और लगभग 20% तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) इसी रास्ते से होकर गुजरती है

भारत के लिए इसका महत्व:-

भारत दुनिया का तीसरा सबसे (third largest) बड़ा तेल उपभोक्ता देश है। भारत अपनी ज़रूरत का लगभग 85% तेल विदेशों से आयात करता है। इनमें से बड़ी मात्रा में तेल और गैस स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ के रास्ते भारत पहुँचती है

भारत को किन देशों से तेल मिलता है?

भारत मुख्य रूप से इन देशों से तेल आयात करता है—

  • इराक (Iraq)
  • सऊदी अरब (Saudia Arabia)
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
  • कुवैत (Kuwait)
  • क़तर (Katar)  
  • इन देशों का अधिकांश निर्यात स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ से होकर गुजरता है। 
आँकड़ाजानकारी
वैश्विक तेल व्यापारलगभग 25%
वैश्विक LNG व्यापारलगभग 20%
भारत की कच्चे तेल की ज़रूरतलगभग 85% आयात
हॉरमुज़ से भारत आने वाला तेललगभग 40% से 50%
हॉरमुज़ से आने वाली LPGलगभग 90%
भारत तक प्रतिदिन पहुँचने वाला तेललगभग 25 से 27 लाख बैरल 




भारत पर अभी क्या असर है?

  • Hormuz में shipping traffic बहुत कम है। Reuters के अनुसार 11 अगस्त को केवल 8 vessels track हुए, जबकि conflict से पहले सामान्यतः लगभग 130–140 vessels/day गुजरते थे।
  • Iran की ओर से अभी भी संकेत है कि Strait पूरी तरह सामान्य रूप से नहीं खोला गया है और passage को लेकर Iranian conditions लागू हैं।
  • भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता केवल crude oil नहीं, बल्कि LPG और LNG है। Gulf shipping में लगातार disruption रहने पर LPG/LNG की supply और कीमतों पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है।
  • भारत ने alternative crude sources/routes पर जोर बढ़ाया है। आज ही HPCL और MRPL ने कुल 60 लाख barrels तक crude खरीदने के लिए tenders निकाले, और MRPL ने suppliers से Hormuz तथा Red Sea routes avoid करने को कहा है।
  • सरकार ने पहले ही बताया था कि लगभग 70% Indian crude imports ऐसे routes से secure किए जा रहे हैं जो Strait of Hormuz पर निर्भर नहीं हैं

⚠️ भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा



Crude oil price → पेट्रोल/डीजल पर दबाव
अगर Hormuz लंबे समय तक disrupted रहा तो international crude और tanker freight/insurance costs बढ़ सकते हैं।

LPG सबसे sensitive sector है
भारत की LPG supply chain Hormuz disruption से crude की तुलना में ज्यादा vulnerable है।

Fertiliser supply
Hormuz crisis के दौरान India-bound fertiliser cargoes भी प्रभावित हुए हैं, इसलिए इसका असर agriculture input costs तक जा सकता है।

Indian shipping safety
भारत ने Indian-flagged vessels और seafarers के लिए security advisories जारी की हैं और voyage-specific risk assessment की आवश्यकता बताई है।

लेकिन भारत की स्थिति 2026 में 1970s जैसी नहीं है:-

भारत के पास अब कई buffers हैं:

Russia + USA + Latin America + Africa + domestic refining + strategic reserves + alternative maritime routes

इसलिए “Hormuz बंद = India में तुरंत petrol खत्म” कहना गलत होगा। असली समस्या अधिकतर cost, logistics, LPG availability और inflation की है।

UPSC/current affairs के लिए एक लाइन:

“The Strait of Hormuz crisis is less an immediate crude-oil shortage problem for India and more a long-term challenge to India’s energy security, LPG supply, shipping costs and inflation.”

और आज की सबसे महत्वपूर्ण बात: भारत अभी Hormuz पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर रहा है, जबकि Strait में normal commercial traffic अभी तक वापस नहीं आया है।