UPSC Prelims 2026 Controversy

UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (Civil Services Preliminary Examination) 2026 को लेकर एक नया विवाद (Controversy) सामने आया है। कांग्रेस की छात्र इकाई (Student Wing) नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं (Irregularities) और संभावित प्रश्नपत्र लीक (Paper Leak) को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।


NSUI ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से तत्काल स्पष्टीकरण (Clarification) मांगा है और मामले की निष्पक्ष (Impartial) जांच कराने की मांग की है।

NSUI @nsui • 15 Jun 2026
"देश के लाखों युवाओं का विश्वास UPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा पर टिका हुआ है, लेकिन आज वही विश्वास सवालों के घेरे में है।

यदि किसी एक कोचिंग संस्थान के कंटेंट से 100 में से 82 प्रश्न आते हैं, तो यह मात्र एक संयोग नहीं बल्कि गंभीर जांच का विषय है।"
View on X 𝕏

कोचिंग सामग्री से प्रश्न मिलने का दावा (Claims of Questions Matching Coaching Material)

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया है कि UPSC प्रीलिम्स 2026 में पूछे गए 100 प्रश्नों में से 82 प्रश्न अनंतम IAS (Anantam IAS) नामक कोचिंग संस्थान की अध्ययन सामग्री (Study Material) से मेल खाते हैं। इस मामले में उन्होंने निम्नलिखित मुख्य बिंदु (Key Points) उठाए हैं:

  • ➤ विषय-वस्तु और भाषा (Content and Wording): कई प्रश्न न केवल नोट्स की विषय-वस्तु से मिलते हैं, बल्कि उनकी भाषा और प्रस्तुति (Presentation) भी काफी हद तक समान है।
  • ➤ नोट्स में संशोधन (Modification in Notes): आरोप है कि परीक्षा के बाद संबंधित नोट्स में संशोधन किया गया और उनसे जुड़ी तारीखों में कथित रूप से बदलाव (Alteration) किए गए।
  • ➤ मिलीभगत की आशंका (Fear of Collusion): इन घटनाओं ने कोचिंग संस्थानों और परीक्षा प्रक्रिया (Examination Process) के बीच संभावित मिलीभगत की आशंकाओं को जन्म दिया है।
Demand for Transparent Investigation

पारदर्शी जांच की मांग (Demand for Transparent Investigation)

NSUI ने इस मामले को गंभीर बताते हुए UPSC को पत्र लिखने का निर्णय लिया है। संगठन ने आयोग से मामले की पारदर्शी (Transparent) और निष्पक्ष जांच कराने तथा अभ्यर्थियों (Aspirants) की चिंताओं को दूर करने के लिए आधिकारिक स्पष्टीकरण (Official Clarification) जारी करने की मांग की है।

फिलहाल, UPSC की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान (Official Statement) जारी नहीं किया गया है।